कोरोना मरीजों के इलाज का खर्च खुद उठाए सरकार, सभी का हो मुफ्त इलाज- भूपेंद्र सिंह हुड्डा

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज कांग्रेस विधायक दल की वर्च्यूल मीटिंग ली। इसमें कोरोना की वजह से प्रदेश के बेकाबू हालातों पर चर्चा की। विधायक दल ने मेडिकल सामान की कालाबाजारी, सुस्त टीकाकरण, दवाई, ऑक्सीजन और टेस्टिंग के अभाव पर गहरी चिंता जाहिर की। सभी विधायकों ने अपने-अपने हलके की समस्याओं को सांझा करते हुए बताया कि सरकार महामारी को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। हालात दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। क्योंकि संक्रमण अब शहरों के बाद गांव में तेजी से पैर पसारता जा रहा है।

कई विधायकों ने बताया कि आज शहरों के अस्पताल और गांवों के स्वास्थ्य केंद्र उपकरणों व स्टाफ का भारी टोटा झेल रहे हैं। हॉस्पिटल बैड, इलाज, दवाई और ऑक्सीजन के अभाव में कोरोना के साथ अन्य बीमारियों के शिकार लोगों की भी जानें जा रही हैं। ज्यादातर अस्पतालों में वेंटिलेटर नहीं हैं, जहां वेंटिलेटर हैं, वहां उसको चलाने के लिए ऑपरेटर नहीं है। लापरवाही का आलम ये है कि कई इलाकों में सरकार ने कोविड सेंटर तक स्थापित नहीं किए।

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बैठक में कोरोना की वजह से अबतक जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और एक शोक प्रस्ताव पारित किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने इस महामारी ऐसे कई लोगों की जान ली है जो अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। इसलिए सरकार से मांग है कि ऐसे परिवारों की आर्थिक मदद की जाए। विधायकों को संबोधित करते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार की चरमराई व्यवस्थाओं को देखते हुए विपक्ष के तौर पर जनता के प्रति हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

इसलिए सभी विधायक कोरोना मरीजों की हर संभव मदद करें। अपने-अपने हलके में लोगों को पेश आ रही समस्याओं पर पैनी नजर रखें और उनके बारे में अधिकारियों व सरकार को फौरन अवगत करवाएं। सभी विधायक फोन के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहें क्योंकि आज बड़ी तादाद में लोग सोशल मीडिया के जरिए भी जनप्रतिनिधियों से मदद मांग रहे हैं। कोविड गाइडलाइन और टीकाकरण के लिए लोगों जागरुक करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करवाएं।

हुड्डा ने कहा कि हम कई बार सरकार को सलाह दे चुके हैं कि वो ग्रामीण इलाकों में कोरोना की रोकथाम के लिए विशेष नीति बनाए। गांव-गांव में टेस्टिंग, मेडिकल कैंप और हेल्प डेस्क की शुरुआत करनी चाहिए। घर-घर जाकर लोगों की रैपिड एंटीजन टेस्टिंग करनी चाहिए। गांवों और शहरों में अस्थाई अस्पताल बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा।

हुड्डा ने कहा कि सरकार को महामारी के खिलाफ अगली कतार में खड़े होकर लड़ रहे कोरोना योद्धाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ के लिए विशेष पैकेज का ऐलान किया जाना चाहिए। इनके साथ आंगनवाड़ी, आशा वर्कर, डिपो होल्डर, पुलिस, रोजवेज कर्मियों और घर से बाहर निकलकर काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त मानदेह और विशेष बीमा योजना का ऐलान किया जाना चाहिए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार हर एक हॉस्पिटल और मरीज के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करे। ऑक्सीजन और इलाज के बिना एक भी मरीज की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश सरकार को जरुरत के मुताबिक केंद्र सरकार से ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाए जाने की मांग करनी चाहिए।

हुड्डा ने कहा कि बीपीएल व गरीब कोरोना मरीजों के मुफ्त इलाज का ऐलान करना चाहिए । हरियाणा सरकार को भी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों का खर्च खुद वहन करना चाहिए। इससे गरीब से गरीब मरीजों को उचित इलाज भी मिल पाएगा और कई प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही अवैध वसूली भी रुकेगी।

हुड्डा ने गांव में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनजर ग्रामीणों से भी एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संक्रमण से बचने के लिए सामूहिक हुक्का पीना, ताश खेलना, चौपाल या बैठक में समूह बनाकर बैठने से परहेज करें। कोरोना की पहली लहर के दौरान जिस तरह गांव वालों ने टीकरी पहरा, जागरुकता के लिए मुनादी करवाने, मास्क लगाने और डाठा मारने के अनुशासन को अपनाया था, उसे फिर से लागू करने की जरूरत है। क्योंकि हर व्यक्ति अपने स्तर पर बचाव की कोशिश करेगा तो बीमारी से उसका परिवार बचेगा, परिवार बचेगा तो गांव व शहर बचेगा, तभी हरियाणा बचेगा और हरियाणा बचेगा तो देश बचेगा।

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